24 April, 2014

गर्मियों में कैसे जिये : क्या खाये



गर्मी के मौसम में स्वस्थ,सुरक्षित और फिट रहने के लिए जरुरी है दिनचर्या और आहार-विहार में बदलाव। इस season में आप क्या खाएं और क्या न खाएं इस बारें में आज मैं आपको कुछ जरुरी टिप्स दूंगा।
  • सूर्योदय से पहले उठते ही मिट्टी के मटके में रखा हुआ जल मुख पर भरकर, अपने नेत्रों को जल से अच्छी तरह साफ़ करें। इच्छानुसार 250 मिली से 400-450 मिली तक (1 से 2 गिलास) जल पिये।
  • शोचादि से निवृत होकर शीतल जल (स्नान करने योग्य जल) से स्नान करें।
  • स्वस्थ, सूती, श्वेत रंग या हल्के रंग के वस्त्र पहने। चंदन और केसर आदि सुगन्धित द्रव्यों को माथे पर लगाये। अच्छी श्रेणी के इत्र,परफ्यूम, डीयो आदि का उचित मात्रा में प्रयोग करें।
  • शरीर को स्वस्थ बनाये रखने के लिए हल्का व्यायाम जैसे घूमना, तैरना आदि अपनी क्षमता से कम करें।
नास्ता
·        तरल पदार्थो का प्रयोग करें जैसे ठंडाई, छाछ-राबड़ी, दूध की ठंडाई, नमकीन छाछ, लस्सी आदि।
·        ताजा फल,रस, चावल के चिवड़े(पोहा) को दही या छाछ में डालकर ले।
दोपहर का भोजन
  • गेहूँ, चावल, दही, रायता, तरोई, ककड़ी, गोभी, टमाटर, धनिया चटनी, टिन्डे, परवल आदि का प्रयोग कारण चाहिए।
  • भोजन की मात्रा भूख से कम होनी चाहिए।
  • सलाद का प्रयोग बहुत कम मात्रा में करना चाहिए।
विश्राम
  • भोजन के बाद हवा युक्त शीतल स्थान पर कुछ समय गुजारें।
  • दोपहर में 1 से 1.30 घंटे नींद ले इससे थकान दूर होता है तथा शरीर की पुष्टि होती है।
दोपहर बाद
  • भुने हुए चने(भुंगडा), धानी ले सकते है। आंवला मुरब्बा, ताजा फल, रस, तरबूज, निम्बू, गुलाब, खस, चन्दन, नारियल पानी रूचि अनुसार लें।
  • गर्मी व लू के कारण शरीर का जल बहुत निकलता है अत जल बार-बार पिए।
रात्रि भोजन
  • रात्रि का भोजन हल्का हो। आमरस, खरबूजा पना, कढ़ी, खिचड़ी, दलिया, चावल, इमली का पना, कच्चे आम का पना आदि शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखकर ले।
रात्रि शयन
  • खुले, साफ़ स्थान पर चांदनी में मच्छरदानी लगाकर, गुलाब, चन्दन, केवड़ा इत्र लगाकर शयन करें।
गर्मी से बचाव के लिए
  • जहाँ तक संभव हो धुप में ना निकले। यदि जाना पड़े तो शरीर और सिर को मोटे सूती वस्त्र से ढककर या छत्री लेकर निकले।
  • बाहर जाने से पहले जल या कोई तरल पदार्थ शर्बत आदि लेकर निकले।
  • मधुर रस, शीतल, सुपाच्य तरल द्रव्य ज्यादा से ज्यादा लें।


ध्यान रखें
·        लवण, कटु, तिक्तरस का प्रयोग न करें।
·        मांस, अंडा, ज्यादा तेल, मिर्च आदि का ज्यादा प्रयोग ना करें।
·        बासी खाद्य पदार्थो, होटलों, ढाबो(जहाँ पर साफ-सफाई न हो), धुप में रखे फलो का प्रयोग न करें। 
·        बाहर से आकर एकाएक कूलर या शीतल स्थान पर ना बैठे।
·        मद्य का प्रयोग न करें।
·        नमकीन, ज्यादा आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक, बीडी, सिगरेट, तम्बाकू का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
·        रात्रि में जागने, अत्यधिक व्यायाम करने, नंगे पांव घुमने आदि से बचे।


23 April, 2014

ज़िन्दगी जीने के 34 तरीके


क्या आपको अपना जीवन अच्छा नहीं लगता? तो इसे बदले। इसे कैसे बदले इसका जवाब आज मैं आपको दूंगा। आपको आज मैं ऐसे तरीके बताऊंगा जिनको अपनाकर आप अपने जीवन में बदलाव कर सकते।





1 . सुबह उठने पर एक अच्छा सुविचार रखें आप सुबह स्वयं को क्या कहते है इसके पुरे दिन में सच होने के चांस रहते है इसलिए क्यों ने इसका लाभ उठायें। सुबह उठने पर एक अच्छा वाक्यांश तैयार रखे इसे स्वयं को कहे। यह बहुत सरल है।
2 . अपने मित्रों की गलतियों स्वीकार करें किसी के कारण आगर आपके दिल को ठेश पहुची है ऐसा होता है इसे स्वीकार करें और खुद को इससे कोई नुकसान नहीं पहुचाये इससे समझोता करें। लोगों से गलतियाँ होती है अपना समझ कर उसे स्वीकार करें। इस बात को समाप्त करें और कुछ नया सोचे सभी को प्यार करें।
3 . नई आदतें बनाएं हम रोजाना एक रोबोट की तरह काम करते है कुछ भी नया नहीं करते हमें अपने जीवन में उन सभी आदतों को शामिल करना चाहिए जो हमें अच्छी लगती हो। आदत में बहुत शक्ति होती है हमें अपनी शक्ति को अच्छे काम में रूपांतरित करनी चाहिए हम में अनन्त उर्जा है बस उसे सही जगह इस्तेमाल करने की जरुरत है।
4 . स्व अनुशासन का निर्माण करें प्रत्तेक व्यक्ति का एक अपना  व्यक्तित्व होना चाहिए। लोगों का इंतजार मत कीजिए कि वो कैसे करते है खुद का एक अनुशासन (नियम) बनायें। आत्म अनुशासन से आपकी Life में बहुत परिवर्तन होंगे। ये करने में Hard है लेकिन इसके Result बहुत अच्छे है।
5 . नए दोस्त बनाने बाहर जाए नये Friends बनायें। लोगों के बीच अपनी पहचान स्थापित करें। लोगों से पहले बात करें।
6. एक नया जॉब करों आप अपने काम से कितना खुश है ये आपके लिए बहुत मायने रखता है अगर आप अपने जॉब या काम से खुश नहीं है तो दूसरा काम करें। आपको पैसो कि समस्या हो सकती है लेकिन ये एक अस्थाई समस्या है। इससे आप निकल सकते है।
7. अपने भोजन में बदलाव करें शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत इम्पोर्टेन्ट है कि आप भोजन किस प्रकार का करते है। हमेशा अलग-अलग खाते रहना चाहिए क्योंकि कोई भी चीज सम्पूर्ण नहीं होती।
8 . डायरी बनायें अपने विचारों, लक्ष्यों, कार्यो को लिखने की आदत डालें। डायरी बनाने से आपके लक्ष्य को सही दिशा मिलती है। ये आपके सहायक की तरह काम करती है। इसके लिए बस आपको कुछ नहीं बस एक पेन और नोट-बुक चाहिए।
9 . अपनी गलतियां स्वीकार करें हम इन्सान है और गलतियाँ इन्सान से ही होती है ये आप सब जानते है। लेकिन सबसे बड़ी बात है अपनी गलती को स्वीकार करना और अगली बार अच्छा करने की सोचना। अपने आपको दंड देने की कोई जरुरत नहीं है बल्कि अपनी गलती मानकर हम सब कुछ बुलाकर एक अच्छी शुरुआत कर सकते है क्योंकि गलती सफलता की ही एक सीडी है जिसे पार किये बिना आप सफलता तक नहीं पहुँच सकते।
10 . शाम सोते समय जो आपका लास्ट विचार होता वो उठते समय पहला विचार होता आज जब सोने जाए तो इस बात को याद रखना कि आप का नींद आने से पहले लास्ट विचार क्या है? जब आप उठेंगे तो आपको वो ही विचार मिलेगा ऐसा लगेगा जैसे कि आप पूरी रात उसी के बारे में सोच रहे थे। क्यों न इसका फायदा उठाये शाम को आप कोई अच्छा विचार करते हुये सोये या एक अच्छी Quote को मन में दोहराते हुए यह विचार पूरी रात आपके अवचेतन मन चलता रहेगा या अगर आपको को कोई दृढ निश्चय करना हो तो उसे रात को दोहराते हुये सो जाए आपका आत्म विश्वास बढेगा।
11 . Risk लेने से पीछे मत हटो आपकी Life बहुत ही बोरिंग और नीरस है क्योंकि आपने बनाया है इसे ऐसा। याद कीजिए वो अंतिम समय जब आपने कुछ कठिन करने का निर्णय लिया था
12. अवसर का महत्व अगर आप सोच रहे है कि मैं सफल कैसे होता, मेरे पास तो कोई सुविधा ही नहीं है। प्रकृति ने मेरा साथ नहीं दिया।लेकिन मैं आपको ऐसे बहुत सारे  लोगो के नाम बता सकता हूँ जो सफल हुये है बिना किसी सुख-सुविधा के। अगर आप के पास बहुत सारी सुविधा है और आपने कुछ कुछ बड़ा कर दिखाया तो वो आपकी सफलता नहीं मानी जाएगी। वो आपका लेवल माना जाएगा। सफलता का अर्थ है अपने से ऊपर उठना या कुछ ऐसा करना जो आपके लेवल से ऊपर हो या जो दूसरों को आपके लिए असम्भव- सा लगें। सफलता के लिए अवसर नहीं, दृड़निश्चय होना चाहिए।

 13. जहाँ आप रहते उस वातावरण को साफ़ रखें आप की पर्सनालिटी आपके चारों के वातावरण को देख कर तय की जा सकती है कि आप का नेचर कैसा है। आप जब भी किसी के घर या किसी के ऑफिस में जाते है तो आपको जाते ही पता चल जाता है कि हमें किस प्रकार बात करनी है। सामने वाला आपसे कैसे बात करें ये आप को ही तय करना है दुसरो को करने का मोका मत दीजिए।
 14 . नया सिखने का जज्बा अपने मन को चुनोती दे की मैं सिख सकता हू आप एक नई भाषा सिखने की सोच रहे लेकिन शुरुआत नहीं कर पा रहे। मेरे हिसाब से एक नई भाषा सीखना दिमाग को और ज्यादा खोलना या विकसित करना है। आपके मन में हजारों सवाल उठते है उनमें से बहुत के हमें जवाब नई मिल पाते है अगर एक नई भाषा सिख लेते है आप करोड़ो लोगों के अनुभव और सिख सकते है। और नई भाषा सीखना कोई कठिन काम नहीं। अगर आप कोक कह दिया जाये की आपको 10 करोड़ रूपये देंगे आप इंग्लिश या अन्य कोई भाषा 10 दिन में सिख लेंगे तो।मैं गारन्टी लेता आप उस भाषा को 10 नहीं 9 दिन में ही सिख लेंगे। कहाँ से आया इतना पावर? जरा सोचिए और शुरुवात कीजिए।
15 . उत्साह किसी भी काम को करते हुए हर आदमी में एक उत्साह होना चाहिए। बिना  उत्साह के सफल नहीं हो सकते। कोई भी काम करते हुए उत्साह का मतलब है आप को उस काम को करते हुए कितनी ख़ुशी है। कुछ लोग होते है जिनका उत्साह काम करते हुए तो बहुत होता है लेकिन थोड़े दिनों बाद कम हो जाता है इसके लिए जरुरी है कि आप अपने काम से समन्धित विषय पर लोगों से अच्छे विचार ले। हर वस्तु के दो पहलु होते है आप को गलत वाला पहलु नहीं चुनना है। एक उदाहरण देता हू आपको अगर आप से कह दिया जाये की आपको 14 तारीख पर एक किताब लिखनी है जिसमे यह साबित होना चाहिए कि 14 तारीख बहुत ही ख़राब तारीख है। और इस दिन जो भी काम करता है सफल नहीं हो सकता। तो आप उस किताब को इतने अच्छे तरीके से लिखने पिछले 1000 वर्ष में जो भी 14 तारीख को गलत हुआ आप उसका वर्णन करदेंगे और लोग उसे मान भी लेंगे क्योंकि आप इस पहलु पर पूरा जोर दिया है और इस पर झूठी दलील भी इकठ्ठा कर ली। ऐसा नहीं हुआ है कि 14 तारीख को अच्छे काम नहीं हुआ बहुत महापुरुष भी जन्मे है लेकिन आपका काम था 14 तारीख पर झूठी दलील इकठठा वो आपने किया। अब इसी प्रकार दुसरे व्यक्ति को कह दिया जाए कि उसे 14 तारीख पर अच्छी दलील इकठठा करनी वो भी अपने काम इस प्रकार करेगा कि लोगों को लगेगा की कोई भी नया काम तो  14 तारीख से स्टार्ट करेंगे तभी सफल होंगे। इस प्रकार आपको एक अच्छे पहलु पर काम करना है।
16 . पहले खुद को पूर्ण करों अगर आपके पास कुछ है नहीं तो आप दूसरों क्या दे सकते है आप दूसरों को रोशनी नहीं दे सकते जब तक कि आप के पास रोशनी नहीं है। इसलिए पहले स्वयं की पूर्ति करें।
17 . जल्दी उठों यह एक आदत नहीं है यह जीवन शैली है। बिना किसी लक्ष्य के जल्दी मत उठों। जल्दी करों। दूसरों से पहले करों। सुअवसर का इंतजार करो और उन्हें दूरों से पहले पालों। जल्दी उठने का मतलब है आने वाले हर अवसर के प्रति सजग रहो।
18. आप कितना ध्यान लगा पाते है Life में बहुत कुछ सिखने को मिलता है लेकिन हम उसे भुला देते है अपने अनुभवों को भुला देते है फिर से वही गलती दोहरा देते है और फिर से सिख लेते है और फिर से भुला देते है आपको एक घटना बताता हू एक बार मेरे पापा बाजार से जूते लेकर आ रहे थे वो एक टैक्सी में बैठ कर दुसरे स्टैंड पर जारहे थे जब वो टैक्सी से उतरे तो जूते टैक्सी में ही भूल गए  में ही भूल गए। थोड़ी दूर गये तो उन्हें वो जूते याद आये लेकिन टैक्सी जा चुकी थी भाग्यवश उन्हें टैक्सी के नंबर याद रह गए वो कभी भी किसी भी टैक्सी के नंबर नहीं पढ़ते थे लेकिन उस दिन कैसे पढ़ लिए और उन्हें नंबर याद आ गए और उन्होंने 2 घंटे में उस टैक्सी वाले को ढूंड निकाला वो टैक्सी वाला जूतों को अपने घर पर रख कर आगया तो पापा गये तो उनको घर पर ले जाकर वो जूते दे दिए और पापा ने टैक्सी वाले को 20 रूपये दिए उसकी ईमानदारी के लिए वहां से दूसरी टैक्सी ले ली अब आते हम हमारी बात दूसरी टैक्सी बैठकर स्टैंड पर आकर उतर गए और वो जूते फिर से टैक्सी में भूल गए अब की बार नंबर भी याद नहीं थे कैसे ढूंढे। पापा ने पिछली बात को इग्नोर कर दिया और फिर से वही गलती कर दी।इस छोटी से घटना से मैंने आपको बात को समझाने की कोशिश की है आशा करता हू आप समझ गए होंगे।
19. एक Blog शुरू करेंआजकल शायद ऐसा कोई व्यक्ति मिले जो ब्लॉग के बारे में नहीं जाना है अगर नहीं जानते है तो मैं बताता हू Blog को हिंदी में चिट्ठा कहते है जिससे हम अपने विचार लोगों तक पहुंचा सकते है और लोगों को हम जो जानते है वो बता सकते है। आप Blog किसी भी सब्जेक्ट पर लिख सकते है जिसे आप पसन्द करते है जिसके बारे में आप ज्यादा सुनना या पढना चाहते है।
20. Book लिखें क्या आप सोचते है कि आप में टैलेंट नहीं है? तो आप गलत सोचते है। इसको शाबित करने के लिए आप आप Book या e-book लिखना स्टार्ट करदे। हर मनुष्य में कोई ना कोई टैलेंट तो होता ही है जरुरत है उसको पहचानने की। आप में अनन्त संभावना है। आप किसी भी टॉपिक को चुन सकते है जिसके बारे में आपको सुनना या जिसको आप सीखना चाहते है। किसी भी बारे में लिख सकते है लोगों तक पंहुचा सकते है। मनुष्य वही सोच सकता है जो उसने पढ़ा या सुना है उससे ज्यादा वह कुछ भी नहीं कर सकता रोज-रोज नई-नई Books आती है लोग पढ़ते है पसंद करते है उनमे नया कुछ नहीं होता बस नया होता कहने या लिखने का तरीका। जो जितना अच्छा लिखेगा उसकी लोग उतनी ही तारीफ करेंगे। आपको कुछ भी नया नहीं करना आपके सामने सब कुछ है कुछ भी सिखने कि जरुरत नहीं बस आपके विचार रखने है अपने तरीके से।
21 . सही बनों, परफेक्ट नहीं परफेक्ट बनने की बहुत अधिक कोशिश से Life को बर्बाद मत करों। ये आपकी Life के सारे दोष मिटा देगा। अच्छा करने की कोशिश करो ये लोगों के द्वारा सराया जाएगा। पीछे मुड़ के देखों और कहो मैं अच्छा कर रहा हूँ।
22 . खुद को प्रेरित करते रहो नेगेटिव सोच व विचारों से बचने के लिए जरुरी है स्वयं को मोटिवेट करते रहे। आत्मविश्वास बनाये रखने के लिए जरुरी है कि आप कैसे माहोल में रहते है अगर आपके चारों आपको मोटिवेट करने वाला कोई हमेशा हो तो आप कुछ अच्छा कर सकते है। स्वयं को मोटिवेट करने के लिए महापुरुषों के कथनों को पढ़े, सक्सेसफुल लोगों की जीवनी, प्रेरणादायक कहानियाँ, पर्सनल डेवलपमेंट आर्टिकल पढ़े।
23 . बोलने की कलामनुष्य अपनी बोलने की कला से ही सर्वोपरि हो पाया है। आज जो भी सफल आदमी है वो अच्छा वक्ता है अतार्थ अच्छा बोल सकता है। आपको चाहे कुछ भी नहीं आ रहा हो लेकिन बोलना आता है तो आप एक अनुभवी आदमी से भी ज्यादा कर सकते है। आप एक उदाहरण देता हू एक बार एक मीटिंग थी वहां पर एक अनुभवी, ऊँची प्रतिष्ठा वाला व्यक्ति बैठा हुआ था सभी ने उनसे अपने व्यवसाय के बारे में दो शब्द कहने को कहा। जब वह बोलने के लगा तो कांपने लगा, तुतलाने लगा। वह व्यक्ति अपने विचार व्यक्त नहीं कर सका। उसके पास बहुत अनुभव था लेकिन उस समय सब व्यर्थ हो गया। उसी जगह एक व्यापारी था जिसे बोलने के लिए कहा गया उसे ज्यादा ज्ञान नहीं था लेकिन उसने इतना भाषण दिया की सब देखते रह गये।
24 . कुछ नया करोहर समय कुछ अच्छा करने का जज्बा होना चाहिए। आप अपने चारों और देख लीजिए जो भी Success या अच्छे पैसे कमाता है उसे वो लोग बिलकुल पसन्द नहीं है जो पुरे दिन ऐसे ही बैठे रहते है और टाइमपास करते है। हर समय यही सोच होना चाहिए की मैं किसका इन्तजार कर रहा हूँ।
25 . हर दिन एक अच्छी शुरुवात करों कल क्या हुआ था आज फिर से उसके बारे में सोच कर आज के दिन को बर्बाद मत करो आज एक फ्रेश शुरुवात करों।
26 . विचार क्या आपने कभी सोचा है कि डर क्या होता है? इसे आप मेरे ऊपर दिए एक उदाहरण से समझेंगे तो बेहतर समझ में आएगा मैंने उस उदाहरण में आपको 14 तारीख के बारें में बताया था उसी प्रकार डर भी एक मनोविज्ञानिक बीमारी है जिससे हम झुझ रहे है। आपने कभी भी भुत को देखा नहीं है लेकिन लोगों से सुन कर आप भी डरने लग गए। आपने महसूस किया होगा कि रात को आप बैठे है और किसी ने भूतो की कहानी स्टार्ट कर दी तो जब आप उठेंगे तो आप को डर लगने लगेगा। आप रोजाना वहीँ रहते है आप को याद नहीं आता है तो आप अपनी मस्ती मग्न हुए रहते और जब कोई याद दिला देता है तो आपको डर लगने लगता है। इसका कारण बस इतना सा है कि आप मन किस प्रकार के विचार कर रहें है। यह मनुष्य की अजीब शक्ति है हमें इसका फायदा उठाना चाहिए। कैसे? ये सब हो तो विचार रहा है ना ये बात तो हम सब जानते है तो फिर विचारों की दिशा को घुमा कर अच्छी दिशा में कर लें तो। हम कुछ कर सकते है। सब कुछ
 27 . हर महीने खुद को एक नया चैलेंज देना हर महीने का एक चैलेंज ले व ऐसा ले की जो आपको लगभग असम्भव लगे। व आपकी लाइफ में उसकी बहुत ही जरुरत हो।
28 . धन्यवाद कहना सीखे याद कीजिए वो समय जब आपने दिल से किसी को धन्यवाद कहा था। सब जानते है कि धन्यवाद सफलता की कुंजी है लेकिन कोई भी इसकी प्रैक्टिस नहीं करता। तो आज से शुरू करदे।
 29 . TV देखना कम करें अगर आप पुरे दिन TV देखते है तो आप बहुत ही गलत कर रहे है क्योंकि ज्यादा टीवी देखने से आपका IQ कमजोर हो जाता है व यादास्त भी कमजोर होती है। टीवी देखना चाहिए लेकिन ज्यादा नहीं।    
 30 . अपने घर में साफ़-सफाई रखों यह मज्जेदार है और हमारे लिए अच्छा भी। अपने घर को साफ करने की आदत बना लीजिए ख़ुशी और आनन्दपूर्वक क्योंकि आपके घर की सफाई आपके शरीर का प्रतिबिम्ब है। अगर आपके चारों का वातावरण अच्छा है तो आपके अंदर पाजिटिविटी का संचार होगा और आप मन से स्वच्छ महसूस करेंगे।
31 . ये शब्द याद रखें इसे मत छुओं, इसे मत खाओ, इस काम के लिए मत जाओ। ये वाक्य तब आते है जब हम कुछ विशेष करने को जाते है। ये आपके रक्षक है। आपके दिमाग ने इन्हें रक्षा के लिए बनाये है। इन्हें रिलीज़ कर दीजिए आप बहुत अच्छा महसूस करेंगे।
32 . दिन में 10 बार हसने की कोशिश करें हँसना भी एक योग है जो आपको मानसिक तनावों से दूर करता है और जब आपने दिल से हँसते तो वही हँसना हँसना है आप ऐसे मत सोचिए आप का हँसना दुसरो को बुरा लगता है ऐसा नहीं किसी का भी हँसना बुरा नहीं लगता। आप मन में सोच सकते है लेकिन ये गलत है।
33 . अपने बारें में नेगेटिव विचार त्यागे आप सोचते है कि मैं ऐसा कर सकता हू लेकिन ये आप जो कर सकते है उसका आधा ही सोच रहे है क्योंकि आप अपने बारें में   अपने मन में बहुत गलत धारणा रखते है। इसे आप दूर कर सकते है बस आपको स्वीकार करना होगा जो आपके पास है उसे। और उस पर काम करें।
 34 . हर कार्य में सफलता पाने की कोशिश करें सीखना कभी मत छोड़ना, किसी एक विषय को अपना करियर मत बनाना ये बहुत ही बोरिंग और लिमिटेड है।